Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा लिखी गयी इस किताब में विज्ञान से लेकर अध्यात्म तक और दर्शनशास्त्र से लेकर तर्क के हर पहलू पर रोचक ढंग से बात की गयी है। 

मुझे आज भी याद है, जब मैं सात-आठ साल का था और गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी के घर गया था। वहाँ मेरी ही उम्र के एक लड़के ने मुझसे ये दो सवाल पूछे – “हम कौन हैं?” और “हम दुनिया में क्या करने आये हैं?”। उस समय तो ये बात मज़ाक में आयी-गयी हो गयी पर आज दशकों बाद भी ये सवाल उतने ही प्रासंगिक लगते हैं। 

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